सूर्य ग्रहण समाप्त, मंदिरों के खुले कपाट, राशियों पर ये रहेगा असर, पढ़ें…

आज सुबह 6.35 से 6.43 बजे तक सूर्यग्रहण दिखाई दिया। सूर्यग्रहण पूर्ण होने के बाद ही उत्तराखंड के सभी प्रमुख मंदिरों में विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। चमोली जिले के योगध्यान बदरी मंदिर, गोपीनाथ समेत हर की पैड़ी और नीलकंठ महादेव मंदिर में महादेव का श्रृंगार किया गया और रुद्राभिषेक किया गया। इन स्थानों पर तय समय के बाद आरती की गई।

सूर्य ग्रहण पड़ने पर उत्तराखंड के तमाम मंदिरों के कपाट कल शाम 6.30 बजे ही बंद कर दिए गए थे। इससे पहले सभी मंदिरों में आरती की गई। इसके बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। मगर आज सूर्यग्रहण खत्म होने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए। सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
हरिद्वार में हरकी पैड़ी सहित अन्य मंदिरों में भगवान की प्रतिमाओं को स्नान कराकर मंदिर के कपाट खोले गए। इसके साथ हरकी पौड़ी पर गंगा आरती सुबह 7:15 बजे की गयी। ज्योतिर्विद् पंडित शक्तिधर शास्त्री के अनुसार शहर में सूर्यग्रहण आठ मिनट तक दिखाई दिया। सूर्योदय के साथ ही सुबह 6.35 बजे से 6.43 बजे तक खग्रास स्वरूप में आठ मिनट तक सूर्यग्रहण दिखाई दिया। सूर्यग्रहण पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान भी किया। Watch Spiritual videos http://videos.jagran.com/spiritual

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Samsung Galaxy S6, Galaxy S6 Edge to be available in India from 23rd March

Tech News  – The two devices were announced at one of the biggest global events,  Mobile World Congress 2015 in Barcelona earlier this month and it will probably go on sale from April 10th.

According to the company they have already received over 20 million pre-orders for both the devices. The sixth edition of the flagship devices – Galaxy S6 and Galaxy S6 Edge — will be available in 20 markets, including India from April 10.

Speaking at its launch during the Mobile World Congress, Samsung CEO and Head of IT and Mobile Division J K Shin said: “People want best in class performance and best in class design. That is what we have done with these new phones.”

The smartphones have 5.1-inch Quad HD Super AMOLED screen that offers a pixel density of 577 pixel per inch. Both the phones have world’s first 14 nano meter mobile processor with 64-bit platform, latest memory technology, which the company said makes them faster compared to any other phone.

The Galaxy 6 Edge has curved screen both side. Both the bend side panel work as different screens on which people can see who is calling them and see message. The two panels on edge and main screen work as three different screens on a single layer of display.

Both the devices have wireless charging feature and in 10 minutes of charging the phone can work for 4 hours.

 

 

 

Mercedes-Benz 190 SL celebrates 60 years

Tech News  – The 190SL presented an attractive, more affordable alternative to the exclusive Mercedes-Benz 300SL, sharing its basic styling, engineering, detailing, and fully independent suspension.

Powered by a 1.9 litre engine, 4-cylinder M121 unit that pushed a modest 105bhp of maximum power. The luxury vehicle became the choicest vehicle to be used in numerous movies at the time. It has became an economic success for the company establishing it as powerful name among the high-and-mighty in the 50s.

A huge number of 25,881 units were manufactured between 1955 and 1963. America was the biggest market with a consumption of nearly 40 percent 190 SL models.

Both the 190SL and the 300SL were replaced by theMercedes-Benz 230SLin 1963.

 

if a brother told me speaks river

होली के बाद आने वाले दिन को भाई दूज कहते हैं। इस दिन देशभर में भाई-दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष यह त्योहार 7 मार्च को है। यह त्योहार भाई-बहन के आपसी स्नेह का प्रतीक माना गया है। इस दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसे मिठाई खिलाती हैं और बदले में भाई अपनी बहन को उपहार के साथ उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं।

भाई दूज की कहानी

बहुत समय पहले किसी नगर में एक भाई और बहन रहते हैं। बहन की शादी हो गई, तो बहन दूसरे गांव मे रहने लगती है। जब होली के बाद भाई-दोज आई तो भाई अपनी बहन से मिलने और टीका लगवाने के लिए बहन के गांव के लिए चल दिया।

भाई कुछ ही दूर चलता है कि रास्ते में एक नदी पड़ती है। भाई जैसे ही नदी पार करने लगता है नदी साक्षात् होकर कहती है, ‘भाई मैं तुम्हें अपने साथ बहाकर ले जाना चाहती हूं।’ तब भाई कहता है कि, ‘आज भाई-दूज है और मेरी बहन मेरा इंतजार कर रही है।’ मैं उससे टीका लगवाकर लौटूं, तब तुम मुझे अपने साथ ले जाना।

भाई थोड़ा और आगे चलता है तो रास्ते में एक दीवार गिरने लगती है। दीवार प्रकट होकर भाई से कहती है, कि ‘मैं तुम पर गिरना चाहती हूं’, तो भाई फिर वहीं दोहराता है कि आज भाई-दूज है और जब मैं बहन के घर से तिलक लगवाकर लौटूं, तब तुम मुझ पर गिर जाना।

भाई और आगे चलता है तो रास्ते में एक शेर मिलता है। शेर कहता है कि ‘मैं तुम्हें खा जाऊंगा’, तब भाई फिर वही बात दोहराता है।

आखिरकार भाई जैसे-तैसे अपनी बहन के घर पहुंचता है तो भाई को परेशान देखकर बहन उससे परेशानी की कारण पूछती है। भाई अपनी बहन को सबकुछ सच-सच बता देता है। बहन अपने भाई को समझाती है, कि वो चिंता न करे सब ठीक हो जाएगा।

वो अपने भाई को लकड़ी के पटे पर बैठाकर उसे तिलक लगाती है, उसकी आरती उतारती है और उसे मिठाई खिलाती है। भाई भी बहन को ढेर सारे तोहफे देता है।

जब भाई अपने गांव की और लौट रहा होता है तो रास्ते में शेर उसे जाने देता है। दीवार नहीं गिरती और नदी भी जाने के लिए रास्ता दे देती है। तब से यह त्योहार हर वर्ष होली के दूसरे दिन मनाया जाने लगा।

View here : Daily and Weekly Horoscope

These four things are the big things

These four things are the big things

एक साधु थे। उनसे शिक्षा लेने के लिए बहुत से स्त्री पुरुष आते थे। साधु उन्हें बड़ी ही उपयोगी बातें बताया करते थे। एक दिन उन्होंने कहा, ‘तुम लोग चार बातें याद रखो तो जीवन का आनंद ले सकते हो।’

लोगों ने पूछा, ‘स्वामी जी, वे चार बातें क्या हैं ?’

स्वामीजी बोले, पहली बातः तुम जहां भी रहो, अपने को आवश्यक बना दो। इतना काम करो कि लोग समझें कि अगर तुम चले गए तो उनका काम रुक जाएगा। कहने का आशय यह है कि तुम किसी पर बोझ मत बनो, बल्कि दूसरों के बोझ को हल्का करो।

दूसरी बातः स्वयं को स्वस्‍थ रखो। काम करने के लिए शरीर को तंदुरुस्त ऱखना आवश्यक है।

तीसरी बातः आलस्य को अपने पास कभी भी भटकने मत दो। जो आदमी आलस्‍य करता है। वह निकम्मा हो जाता है।

और आखिर में चौथी बात ये कि, एक-एक पैसे का उपयोग करो। याद रखो, तुम्हें जो पैसा मिला है, ‘वह भगवान का दिया हुआ है, और भगवान की दी हुई चीज का किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।’

Do not therefore ignore the north east of disease

उत्तर पूर्व दिशा में कोई भी नकारात्मक वस्तु जैसे जूते, चप्पल या प्रयोग में न आने वाला सामान न रखें। इससे उत्तर पूर्व दिशा में दोष उत्पन्न हो जाता है।

इस क्षेत्र में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। यहीं से कॉस्मिक उर्जा का निर्माण होता है जिससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है। ध्यान रहे कि उत्तर पूर्व दिशा के खुला होने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है कि इसमें कॉस्मिक किरणों का उदय एवं प्रवाह बेहतर ढंग से संभव हो पाता है।

यदि आपके निवास का कोई कोना कटा हुआ है या बढ़ा हुआ है तो कॉस्मिक किरणों का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है जिससे इस क्षेत्र के अनुसार जो भी ग्रह होगा उसके प्रभाव से व्यक्ति को शारीरिक रोग हो सकता है।

उत्तर पूर्व भूमि तत्व की दिशा है जिन व्यक्तियों की जन्म तिथि में 2, 5 एवं 8 अंक नहीं होता है ऐसे व्यक्ति हड्डियों के रोग से ग्रसित हो सकते हैं ऐसे व्यक्तियों को उत्तर पूर्व एवं दक्षिण पश्चिम जोन में पीला रंग करवाना चाहिए।

किसी की कुंडली में यदि गुरु शुभ प्रभाव में नहीं है और आपके उत्तर-पूर्व जोन में वास्तु दोष है तो ऐसे व्यक्तियों को पाचन तंत्र संबंधी, गॉल ब्लैडर, रक्त चाप, पीलिया आदि रोग होने की आशंका होती है।

Source:  Daily/Weekly Horoscope 2015

This context can change your life

जिंदगी में यूं ही सब कुछ नहीं मिल जाता। इसके लिए आपको कर्म करना पड़ता है। कर्म के लिए आपका एक लक्ष्य होना चाहिए, और आपकी मिलनसारिता का गुण जो आपको नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काफी है। यहां दो ऐसे ही प्रेरक प्रसंग दिए जा रहे हैं जिनके सार को आप जीवन में उतार कर अपने नाम का अर्थ सार्थक कर सकते हैं।

पहला प्रसंग

एक बार जर्मन दार्शनिक ने स्वामी दयानंद से कहा, ‘स्वामी जी, आपका बलिष्ठ शरीर और ओजस्वी मुखमंडल देखकर मैं अत्यंत प्रभावित हूं। क्या मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति के लिए यह संभव है कि आप सशक्त शरीर और तेजयुक्त मुखमंडल प्राप्त हो सकें।’

स्वामी जी बोले, ‘क्यों नहीं, जो व्यक्ति अपने को जैसा बनाना चाहता है, बन सकता है। हर व्यक्ति अपनी कल्पना के अनुरूप ही बनता- बिगड़ता रहता है। तुम्हें सबसे पहले एक लक्ष्य बनाना चाहिए, फिर उसकी पूर्ति के लिए संकल्प करके उसी के अनुसार काम करना चाहिए। एकाग्र मन से किए गए कार्य एक दिन सफलता की मंजिल पर अवश्य लाकर खड़ा करते हैं।’

दूसरा प्रसंग

अमेरिका की यात्रा के दौरान एक व्यक्ति जहाज में स्वामी रामतीर्थ से ज्ञान-ध्यान की चर्चा करता रहता था। जहाज से उतरते सय उसने सामान्य शिष्टाचार से पूछा, ‘आप कहां ठहरेंगे स्वामी जी, समय मिला तो आपसे संपर्क का प्रयत्न करूंगा।’

Source: Rashifal 2015