अब जनता पूछेगी सवाल, कठघरे में होंगे जिम्मेदार

 जनता से जुड़ी समस्याएं जैसे सफाई, पेयजल आपूर्ति, वाटर लॉगिंग, सीवर समस्या, विद्युत, खाद्यान्न वितरण के साथ कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए शहर में एक बार फिर चौपाल लगाई जाएगी। 21 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन की चौपाल लगेगी। मगर इस बार चौपाल में जनता के सवाल होंगे और कठघरे में जवाब देने के लिए संबंधित अधिकारी होंगे। मतलब साफ है कि पिछली समस्याओं पर अगर कार्रवाई नहीं हुई होगी तो इस बारे जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन जरूर लिया जाएगा। वहीं पहली बार आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।

जेपी मेहता इंटर कॉलेज से होगा स्टार्ट

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 21 जुलाई से चौपाल लगाई जाएगी। पहली चौपाल जेपी मेहता इंटर कॉलेज में लगेगी। इसके बाद 22 को नगर निगम जोन कार्यालय नदेसर में, 23 जुलाई को नगर निगम कार्यालय आदमपुर में, 26 जुलाई को डुमराव बाग कॉलोनी पार्क में, 27 को दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क में, 28 को भरत मिलाप मैदान, नाटी इमली में, 29 को प्राइमरी पाठशाला, शिवपुर में, 30 को सरस्वती इंटर कॉलेज, सुडि़या में, 31 को कबीर नगर उपवन पार्क में, दो अगस्त को टाउन हाल मैदान में, तीन को ब्रिज इन्क्लेव पार्क में, चार को सफाई चौकी कार्यालय चेतगंज में, पांच को नगर निगम प्रेक्षागृह में, छह को संकुल भवन चौकाघाट में, नौ को बंगाली टोला इंटर कॉलेज और दस अगस्त को डीएवी इंटर कॉलेज में चौपाल लगेगी। इससे पहले डीएम ने सभी अधिकारियों को सचेत किया कि पूर्व में आयोजित चौपाल में आई समस्या के निस्तारण को लेकर दिये गए निर्देश का अनुपालन न होने पर कार्रवाई तय है।

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राष्ट्रकवि के नाम से जल्द बने यूनिवर्सिटी : शिक्षा मंत्री

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार संकल्पित है यही कारण है कि बिहार में नकल मुक्तपरीक्षा ली गई। लेकिन सरकार में ही कुछ ऐसे लोग शामिल थे जिनके कारण शिक्षा गर्त में जा रही थी। अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। यह बातें बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने जीडी कॉलेज में मिथिला यूनिवर्सिटी के विस्तार केंद्र और नव निर्मित परीक्षा भवन का इनॉगरेशन करते हुए कही। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, सरकार के सात निश्चय में एक निश्चय यह भी है।

स्टूडेंट को होगा फायदा

विस्तार केंद्र के बारे में शिक्षा मंत्री ने कहा कि विस्तार केंद्र जीडी कॉलेज में खुलने से जिले के सभी कॉलेजों के छात्र- छात्राओं को फायदा मिलेगा। किसी तरह के कागजी कार्य चाहे एडमिट कार्ड की बात हो या फॉर्म भरने की, सभी यही से किए जा सकेंगे। डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि दिली चाहत है कि बेगूसराय में जल्द ही राष्ट्रकवि दिनकर के नाम से यूनिवर्सिटी खोला जाए। ज्ञात हो कि पिछले दिनों बेगूसराय के जीडी कॉलेज में यूनिवर्सिटी के उपकेंद्र खोलने की बात कही गयी थी लेकिन यह उपकेंद्र नहीं बल्कि उसका विस्तार केंद्र है। शिक्षा मंत्री ने फीता काट और दीप प्रज्वलित कर विस्तार केंद्र का इनॉगरेशन किया।

कॉलेज की व्यवस्था सुधारा जाए

बेगूसराय सांसद डॉक्टर भोला प्रसाद सिंह ने कहा कि विस्तार केंद्र खोलने से पहले जरूरत इस बात की है कि कॉलेज की व्यवस्था को सुधारा जाए। जब छात्र कॉलेज आते ही नहीं हैं तो किस प्रकार इस केंद्र की योजना फलीभूत हो पाएगी। मौके पर बिहार सरकार के भू राजस्व मंत्री मदन मोहन झा, नगर विधायक अमिता भूषण, मिथिला यूनिवर्सिटी के वीसी साकेत कुशवाहा, विधान पार्षद दिलीप चौधरी, जीडी कॉलेज के प्राचार्य अवधेश कुमार सहित काफी संख्या में शिक्षाविद और छात्र उपस्थित थे।

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‘स्मार्ट कैंट’ में गंदगी से हाहाकार

कुछ दिन पहले ही स्मार्ट कैंट बनाने की बात हो रही थी, लेकिन आरआर मॉल ध्वस्तीकरण मामले में कैंट बोर्ड अफसरों पर मुकदमा दर्ज किए जाने के खिलाफ हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों ने क्षेत्र में बुनियादी सेवाएं ठप कर दी। बुधवार को हड़तालियों ने न केवल स्कूल्स व सफाई कार्य ठप किया, बल्कि मेडिकल जैसी इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर दिया। जबकि मांग पूरी न होने पर पेयजल आपूर्ति पर भी रोक लगाने की बात कही।

बुनियादी सेवाएं प्रभावित

अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस व छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बुधवार को छावनी क्षेत्र के बुनियादी सेवाएं हिला कर रख दी। हड़ताल के चलते कर्मचारियों ने न तो क्षेत्र का कूड़ा उठाया और न ही और न ही झाडू। जिसका प्रभाव छावनी क्षेत्र में साफ देखने को मिला।

स्कूल रहे बंद

हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों ने छावनी क्षेत्र स्थित सीएबी और आधारशिला पब्लिक स्कूल बंद करा दिए। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो स्कूल बंद उनको वापस लौटाना पड़ा। क्लासेस बिल्कुल खाली दिखाई पड़ी।

भटकते रहे मरीज

हड़तालियों ने इमरजेंसी सेवाओं को भी बख्शा और कैंट हॉस्पिटल को भी बंद करा दिया। हॉस्पिटल के मुख्य द्वारा पर हड़ताल का बैनर लगा कर जनरल ओपीडी बंद करा दी गई। नतीजा यह हुआ कि इलाज की तलाश में मरीज इधर- उधर भटकते रहे।

सड़कों पर पसरा रहा कूड़ा

हड़ताल में शामिल सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने से साफ इंकार कर दिया। बुधवार को न तो सड़कों पर झाडू लगाई गई और न ही कूड़ा उठाया गया। हालत यह हो कूड़े से उठती दुर्गध ने लोगों का रास्तों से गुजरना दूभर कर दिया।

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कैंट ऑफिस में धरना जारी

आरआर मॉल प्रकरण में अफसरों पर मुकदमे के विरोध में बुधवार को कर्मचारियों का धरना जा रहा। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस व छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन के बैनर तले धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि 210 बी प्रकरण के मुख्य सूत्रधार को न पकड़ना प्रमाणित करता है कि व्यापारियों के साथ पुलिस भी आनंद प्रकाश को बचाने में लगी है। कर्मचारियों ने व्यापारियों ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप भी लगाया। धरने की अध्यक्षता पुजेश लोहरे व संचालन नवीन चंद्र पंत ने किया। इस मौके पर विनोद कुमार बैचेन, राजू, दिनेश चौहान, योगेश भगत व जयपाल तोमर आदि मौजूद रहे।

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बीएसपी से छिन सकता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा

चंद महीनों के भीतर होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सूबे के प्रमुख विरोधी दल बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। बसपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म होने का मामला निर्णायक मोड़ पर आ चुका है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस बारे में केंद्रीय चुनाव आयोग फैसला लेने वाला है। आयोग ने बसपा को विगत 28 जून तक इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था। बदले हालात में यदि पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा खत्म होने की नौबत आई तो पंजाब में उसे किसी दूसरे सिंबल से चुनाव लड़ना पड़ सकता है।

बार- बार मांगी मोहलत

पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी में खाता भी नहीं खोल पाने के बाद बसपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म होने की नौबत आ गयी थी। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा समाप्त करने के लिए आयोग ने बीएसपी को नोटिस भी थमाया था। इसके बाद पार्टी ने पहले दिल्ली और फिर बिहार चुनाव तक के लिए मोहलत मांगी थी, लेकिन दोनों ही राज्यों में पार्टी की परफार्मेस अच्छी नहीं रही और वह इतने वोट नहीं जुटा सकी जिससे उनका राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बच जाए। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय चुनाव आयोग इस बारे में जल्द ही सुनवाई करने वाला है। मालूम हो कि जल्द पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा को खासकर पंजाब और उत्तराखंड में खासी उम्मीदें है। इनमें से उत्तराखंड में ही वह अपने सिंबल पर चुनाव लड़ पाएगी जबकि पंजाब में उसे आयोग द्वारा दिए गये किसी अन्य सिंबल पर चुनाव मैदान में उतरना पड़ेगा।

ये हैं नियम

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए किसी भी पार्टी को चार प्रदेशों में कम से कम छह फीसद वोट या तीन चौथाई लोकसभा सीटों पर कम से कम दो फीसदी वोट मिलने चाहिए। इसके अलावा चार राज्यों में राज्य पार्टी के तौर पर उसकी मान्यता होनी चाहिए। बिहार चुनाव में बीएसपी को राष्ट्रीय पार्टी बने रहने के लिए आठ परसेंट वोटों की दरकार थी जबकि उसे सिर्फ 2.07 परसेंट वोट ही हासिल हुए।

1997 में टॉप पर, 2014 से पस्त

बसपा को 1997 में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया था। उस समय यूपी के अलावा उत्तराखंड, बिहार और दिल्ली में भी पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा था। 2014 से बीएसपी का पतन शुरू हुआ। वह लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी उसके बाद हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में भी उसे अपेक्षित सीट नहीं मिली। दिल्ली चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के आगे सभी पार्टियां धराशायी हो गयीं। वहीं बिहार चुनाव में भी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।

तो छिन जाएगा हाथी निशान

राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त पार्टियों को ना सिर्फ पूरे देश में चुनाव लड़ने के लिए एक ही सिंबल मिलता है बल्कि आल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त प्रसारण अवधि मिल जाती है। सिंबल्स आर्डर 1968 के तहत अगर बीएसपी का राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा छिनता है तो पूरे देश में एक ही सिंबल पर चुनाव लड़ने का अधिकार भी नहीं रहेगा। ऐसे में बीएसपी उन राज्यों में ही हाथी सिंबल पर चुनाव लड़ पायेगी जहां उसकी मान्यता राज्य की पार्टी के रूप में होगी।

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हंसी-खुशी विदा हुई संवासिनियां

एक तरफ जहां नये जीवन में प्रवेश करने की खुशी थी वहीं अपनी सखियों से बिछड़ने गम। नम आंखों संग नये जीवन की शुरुआत करने वाली दस संवासिनियों का कुछ ऐसा ही हाल था। बुधवार जैतपुरा स्थित संवासिनी गृह में धूमधाम से दस संवासिनियों की शादी सम्पन्न हुई।

 दुल्हन बनीं पायल, ज्योति, श्रुति, निशा, पुष्पा, संजू यादव, काजल, कोमल, नीरा और स्वीटी लाल, नारंगी और सुनहरे लहंगे में सजकर पति संग अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने चल पड़ीं। वेदी पर बैठे पंडितों के मंत्रोंच्चार के बीच पूरी हुई शादी के बाद दुल्हनों को उपहार देने वालों की लाइन लग गई। संवासिनी गृह की प्रभारी गीता पांडेय की मौजूदगी में सारी रस्मों को पूरा किया गया।

 कन्यादान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, एसपी सिटी, प्रेम मिश्रा अध्यक्ष काशी व्यापार मंडल), वीएन चतुर्वेदी (परामर्श दाता सुलभ इंटरनेशनल ), सीडब्ल्यूसी की सदस्य प्रीती श्रीवास्तव, प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी आरके यादव, सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रेखा, डॉली फाउंडेशन की पूर्णिमा सिंह, केएस पांडेय( जिला होमगार्ड कमांडेंट), ममता द्विवेदी, समाजसेवी ने बतौर अभिभावक किया। जयमाल के दौरान दुल्हन की सखियों ने दूल्हों के जूते चुराने की रस्म भी अदा की.

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स्टेशनों में बेबी फूड नहीं रखने पर लगेगा जुर्माना

चक्रधरपुर रेल मंडल के छोटे बड़े सभी स्टेशनों में स्थित स्टॉल में बेबी फूड रखना अनिवार्य है। रेलवे के कमर्शियल विभाग ने इसकी सूचना सभी स्टाल संचालक को दे रखी है। जिसके तहत स्टॉल संचालक बेबी फूड में सेरेलेक, लैक्टोजेन, प्रोटीनेक्स, पाउडर दूध के पैकेट स्टॉल में रखेंगे। इसके अलावा बेबी फूड रखने वाले स्टॉल में ¨हदी व अंग्रेजी भाषा में बड़े अक्षरों में लिखकर चस्पाना होगा कि बेबी फूड यहां पर उपलब्ध है। इससे जरूरत मंद यात्री आसानी से बेबी फूड खरीद पाएंगे। रेलवे ने कोल्ड ¨ड्रक स्टॉल, अमूल स्टॉल , टी स्टॉल में अनिवार्य रूप से बेबी फूड एमआरपी में बेचने का आदेश जारी किया । बेबी फूड नहीं रखने वाले स्टॉल संचालक को रेलवे ख् से भ् हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकती है।

किया ख् हजार रुपए जुर्माना

चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर ख् में स्थित कोल्ड ¨ड्रक स्टॉल में बेबी फूड नहीं रखने पर स्टॉल के संचालक उत्तम कुमार बालमुचू को ख् हजार जुर्माना लगाया गया। 9 जुलाई को सीनियर डीसीएम सत्यम प्रकाश ने औचक निरीक्षण कर जुर्माना किया था।

बजट में हुई थी घोषणा

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ख्0क्म्- क्7 के रेल बजट में यह सुविधा का ऐलान किया था। ऐलान के कुछ महीने बाद ही रेलवे स्टेशनों पर जोनल रेलवे, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के स्टॉलों पर अनिवार्य रूप से बेबी फूड उपलब्ध कराने का आदेश जारी हुआ था.

चार स्टेशनों में बनेगा बेबी फी¨डग रूम

चक्रधरपुर रेल मंडल के चार स्टेशनों में बेबी फी¨डग रूम बनाया जाएगा। कमर्शियल विभाग के डीसीएम अर्जुन मजुमदार ने बताया कि रेलवे बोर्ड की जननी सेवा की तर्ज पर बेबी फी¨डग रूम बनाया जा रहा है। मंडल के टाटानगर स्टेशन के फ‌र्स्ट और सेकेंड क्लास वे¨टग हॉल में बेबी फि¨डग रूम बना दिया गया है। इसके अलावा चक्रधरपुर, राउरकेला एवं झारसुगुड़ा स्टेशन में एक सप्ताह के भीतर बेबी फी¨डग रूम बनाया जाएगा। बेबी फि¨डग रूम की सुरक्षा और देखभाल के लिए आरपीएफ की महिला जवान को तैनात किया जाएगा.

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दो लाख की घूस लेते डिप्टी कमिश्नर गिरफ्तार

मंगलवार देर रात विजिलेंस ने दो लाख की घूस लेते सेल टैक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने देर रात दीपक को रिस्पना के पास से गिरफ्तार किया। विजिलेंस की ख् से ज्यादा अलग- अलग टीमें दीपक के ऑफिस से लेकर घर तक सम्पत्ति की जांच में जुटी रही। दीपक मूल रूप से चमोली का रहने वाला है और दून के मोहब्बेवाला सेक्टर में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात था। विजिलेंस इस कामयाबी को एक बड़ी सफलता मान रही है। विजिलेंस लगातार एक के बाद एक सरकारी विभागों के घूसखोर अफसरों को बेनकाब करने में लगी है.

दीपक ख्009 से सेल टेक्स में तैनात था। इससे पहले असिस्टेंस कमिश्नर के पद पर हरिद्वार जिले के सेक्टर ख् में तैनात था, जहां विभाग में दीपक के खिलाफ करप्शन को लेकर बड़ी शिकायतें मिल रही थीं। डायरेक्टर विजीलेंस अशोक कुमार ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के सप्लायर की देहरादून में हर महीने सामान ट्रक से आते थे। दीपक कंपनी के स्थानीय फ्रेंचाइजी मालिक से हर महीने अशरोड़ी बैरियर पर ट्रक पास करने के एवज में एक लाख रुपए प्रतिमाह देने की डिमांड कर रहा था। कंपनी मालिक द्वारा पैसे न दिए जाने के बदले दीपक आशारोड़ी बैरियर पर ही ट्रक खड़े करवा देता था। पिछले क्क् महीने से लगातार दीपक कंपनी मालिक को परेशान कर क्क् लाख की डिमांड कर रहा था। इसी रकम की पहली खेप ख् लाख रुपये दीपक ने सोमवार को मांगी। जहां विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया.

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दारागंज में खड़ी कार का शीशा तोड़ हजारों उड़ाए

आजमगढ़ से शहर आए एक व्यक्ति की कार का शीशा तोड़ कर चोरों ने 55 हजार रुपये और दो मोबाइल उड़ा दिए। घटना दारागंज क्षेत्र में मंगलवार को दोपहर में तब हुई जब कार मालिक एक होटल में खाना खा रहे थे। दारागंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की है।

कुछ ही समय में कर गए कारनामा

आजमगढ़ के बजुआपुर निवासी दान बहादुर सिंह पुत्र राम अवतार सोमवार को किसी काम से शहर आए। काम खत्म होने के बाद वह अपनी कार से दारागंज इलाके में पहुंचे। वहां एक होटल के सामने कार खड़ी कर वे अंदर खाना खाने चले गए। खाना खाकर लौटे तो देखा कि कार का पिछला शीशा टूटा हुआ है। जब उन्होंने चेक किया तो पता चला कि अंदर रखे बैग से 55 हजार रुपए और दो मोबाइल गायब हैं। उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की।

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डीएम साहब, तो हम छोड़ देंगे शहर

डीएम साहब! अगर आप हमें सुरक्षा प्रदान नहीं करा सकते हैं तो हम ये शहर ही छोड़ देंगे। हमारी बहन बेटियों से एक विशेष समुदाय के लोग छींटाकशी करते हैं। जीना मुश्किल कर दिया है। अगर यही हाल रहा तो हम शहर छोड़ देंगे। ये पीड़ा लेकर मंगलवार को टीला नंदराम थाना मंटोला के लोग जिलाधिकारी के पास पहुंचे।

पलायन को कर रहे हैं मजबूर

टीला नंदराम के लोगों का कहना है कि उन्हें ढोलीखार और उसके आसपास क्षेत्र में रहने वाले एक विशेष समुदाय के लोग लगातार परेशान कर रहे हैं। मकान खरीदने या कब्जा की नीयत से डराया- धमकाया जाता है। उन्हें वहां से भगाने के लिए तरह- तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।

खोल दिए हैं कट्टीखाने

टीला नंदराम के लोगों का कहना है कि उनके मोहल्ले में गाय, भैंस के कट्टीखाने खोल दिए गए हैं। गाय, भैंस और बकरों की कच्ची खाल के गोदाम हैं। जिनकी गंदगी और दुर्गध से परेशान हैं। उन्हें वहां से भगाने का सुनियोजित षड़यंत्र है। इसके साथ ही बहन बेटियों से अश्लील व अभद्र छींटाकशी की जाती है।

फैलाया जाता है प्रदूषण

उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे पुल के पास जूतों की कतरन और कूड़ा डाल दिया जाता है, इसके बाद उसमें आग लगा दी जाती है। जबकि टीटीजेड क्षेत्र होने के बावजूद भी इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे उठने वाली दुर्गध से लोग परेशान हैं। इसके साथ ही विशेष समुदाय के अपराधी किस्म के लोग मोहल्ले में घूमते हैं और डराने और धमकाने का काम करते हैं। उनके कारण हमेशा दहशत और विवाद की स्थिति बनी रहती है।

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सर्राफा के बेटे को ब्लैकमेल करने वाले जेल गए

गोविन्दनगर में सर्राफा कारोबारी के बिगड़ैल बेटे को ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने वाले तीन शातिरों को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसमें एक पीडि़त का दोस्त है, जबकि दूसरा उसका टीचर है। दोनों ने शातिर साथी के संग मिलकर उसको ब्लैकमेल करने का प्लान तैयार किया था।

गुजैनी में रहने वाले सर्राफा कारोबारी का नाबालिग बेटा बुरी संगत में बिगड़ गया था। उसकी क्यू ब्लाक में चिंदा टैम्बर के मालिक विनोद कुमार के बेटे मयंक से दोस्ती थी। सर्राफा कारोबारी का बेटा खर्च पूरे करने के लिए घर में चोरी करने लगा था। उसने मयंक को चोरी के जेवर बेचने के लिए कहा तो मयंक ने उसकी करतूत के बारे में टीचर गौतम और उनके दोस्त आतिश गुप्ता को बताया। आतिश ने शुरुआत में तो जेवर बेचकर उसको रुपए दिए, लेकिन फिर उनके मन में लालच आ गया। कुछ दिन पहले पीडि़त गलती से रांगे को सोना समझकर उसे बचने के लिए आतिश के पास पहुंचा तो आतिश खुद को सीओ बताते हुए घर में शिकायत करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया। उसने कहा कि तुम नकली सोना बेचते हो, मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे पिता को भी गिरफ्तार करूंगा तो वो घबरा गया। इसके बाद आतिश उसको ब्लैकमेल कर रुपए और जेवर ऐंठने लगा। आतिश चोरी के जेवर बचने के लिए जिस शॉप पर गए वो पीडि़त नाबालिग के पिता का करीबी दोस्त था। उसने ज्वैलरी पहचान कर दोस्त को बताया तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो तीनों में जुर्म कबूल लिया। एसएसपी ने बताया कि अतीश बेहद शातिर है। वो इसी तरह रईसघरों के बच्चों को फंसाकर वसूली करता है।

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